Tuesday, March 22, 2011

न समंदर न कोई किनारा मिलेगा ,
न जब अपनों का का कोई सहारा मिलेगा ,
डूबते वक़्त ज़रा तुम ये देख लेना ,
उस वक़्त भी तुम्हे हाँथ हमारा मिलेगा .

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